कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती – अमिताभ बच्चन जी

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कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती – अमिताभ बच्चन जी

     हेल्लो मैरे प्रिये मित्रो वेलकम टू achiseekh.com आज मैं आपको ऐसी मोटिवेशनल वाली कविता बताने जा रहा हूँ जिसको सुनकर आप काफी ज्यादा inspire होंगे और आपको कोई भी काम करने में मोटिवेशन मिलेगी| यह जो पोएम है कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती , आज मैं आपको इसी के बारे मैं बताने जा रहा हूँ की मुझे इस पोएम के बारे मैं केसे पता चला और इस पोएम ने मेरी कितनी हेल्प करी|

   दोस्तों एक दिन मैं फेसबुक पर चैटिंग कर रहा था जैसे की हम सब लोग करते है फिर मैं new feed देख रहा था तभी उसी टाइम मेरी नजर एक विडियो पर पढ़ी|
वो विडियो Amitabh Bachchan sir की थी तो मेने उस विडियो पर क्लिक करा और विडियो को देखने लग गया| दोस्तों आप यकीन नही मानोगे की जब मैंने यह विडियो देखि और जब विडियो फिनिश हुई तो मुझे कितना ज्यादा अच्छा लगा बस अन्दर से (दिल से) एक ही बात आई उस टाइम की Koshish Karne Walon Ki Haar Nahi Hoti.

    फिर उसी दिन मैंने डिसिशन ले लिया की अब नही रुकुंगा जब तक मुझे success ना मिले तो सबसे पहले मैंने क्या किया उस विडियो को मैंने अपनी सारी social networking profile पर जाकर शेयर करा जा-जा मै कर सकता था जिससे और लोगो को भी लाइफ मैं कुछ करने मैं हिम्मत मिले|
     मैरे प्यारे दोस्तों आपसे भी बस इतना ही बोलना चाहूँगा की अगर आपको यह कविता अच्छी लगे तो प्लीज इसे आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें जिससे उनको भी कुछ करने की हिम्मत मिले. 

Harivansh Rai Bachchan Poems in Hindi – कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती कविता

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

 डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

 असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम
संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको यह कविता बहुत पसन्द आई होगी वैसे इस कविता पर काफी सावाल उठे थे की ये जो कविता है लिखी किसने है इसके रचियता कोन है ? हरिवंशराय बच्चन है या निराला ?

-Achiseekh

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