बेघर से बिलियनेर बनने की संघर्ष कहानी। John Paul DeJorio

Spread the love
  • 23
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    23
    Shares
235 Views

बेघर से बिलियनेर बनने की संघर्ष कहानी। John Paul DeJorio

  • संघर्ष की शुरुआत:

साल था 1966, जब 22 साल के जॉन की पत्नी पैसों की कमी की वजह से उन्हें और उनके दो साल के बेटे को छोड़ कर जॉन की इकलौती कार को अपने साथ लेकर घर छोड़कर चली गयी।

उस घटना के दो दिन के बाद जॉन को पता चला कि उनकी पत्नी पिछले कई महीनों से उनके घर का किराया नही चुका रही थी। और इस वजह से दोनों बाप-बेटे को घर से बाहर निकाला गया।

यह पहली बार था जब दे’जोरियो बेघर होकर सड़क पर आ गये थे पर शायद आख़िरी बार नहीं।

बेघर हो जाने के बाद जॉन ने सोड़ा बोतल के ढक्कन को इकट्ठा कर के उन्हें 5 सेंट के भाव पर रिसाइकल के लिये बेचना शुरू किया।

लेकिन एक दिन उनके एक पुराने दोस्त ने उन्हें देख लिया और अपने खाली पड़े कमरे में रहने के लिये जॉन को प्रस्ताव दिया।

  • नौकरी से पंगा:

इस घटना के कुछ सालों तक जॉन ने कई अलग अलग तरह की नौकरियाँ की। पर उनमें से एक नौकरी ऐसी थी जिसका अनुभव आगे जाकर उनको बहुत काम आया।

उस जॉब में उन्हें door to door (एक घर से दूसरे घर) जा कर collier’s encyclopedia बेचनीं थी, सुबह से शाम तक काम करने के बाद भी जॉन नौकरी के पहले हफ्ते में एक भी बिक्री नही कर पाए।

उनकी जगह कोई और होता तो निश्चित ही इस नौकरी को छोड़ देता, पर जॉन अलग ही मिट्टी के बने थे। उन्होंने वह नौकरी साढ़े तीन साल तक की।

बिक्री के व्यवसाय में, जब आप 100 वें संभावित ग्राहक से बात कर रहे होते है, तब आपको उतना उत्साही रहना पड़ता है जितना कि आप पहले ग्राहक के साथ बात करते वक़्त होते है

  • जीवन में आया नया मोड़:

लेकिन 1971 में जॉन की जिंदगी में एक नया मोड़ आया। एक दिन John Capra नाम के उनके एक दोस्त ने उनको सलाह दी कि “तुम्हें सौंदर्य उद्योग के व्यवसाय में सेल्समेन की नौकरी करने की कोशिश करनी चाहिये। उसमें शुरुआत में बहुत ज्यादा पैसे तो नहीं मिलते लेकिन पर मेहनत करने से तुम जितना चाहो उतना कमा सकते हो।”

अपने दोस्त की सलाह मानकर जॉन ने Redken कंपनी में सेल्समेन की नौकरी के लिये apply किया, और किस्मत से उन्हें वह नौकरी मिल गयी। उस नौकरी में उन्हें महीने के 600 डॉलर बतौर पगार और 125 डॉलर car allowance मिलता था।

डेढ़ साल के अंदर ही जॉन दो डिवीजनों (scientific school aur chain salon) के लिए बतौर नेशनल मैनेजर काम करने लगे।

पर अधिकारियों के साथ socialize नहीं करने और कंपनी की प्रोडक्ट्स का जानवरों पर परीक्षण करने के बारे में शिकायत करने की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

इसके बाद, जॉन फर्मोडाइल हेयर केयर के लिए काम करने लगे, वहाँ उनको कंपनी के मैनेजर और सेल्समैन को बेचने के तरीके पर प्रशिक्षित करने का काम सौंपा गया। एक ही साल में बिक्री में 50% की बढ़ोतरी होने के बावजूद भी उन्हें यह कहकर नौकरी से निकाल दिया गया कि वें कंपनी में फिट नही हो रहे है।

फिर उन्होंने एक और हेयर केयर कंपनी, ट्राइकोलॉजी इंस्टीट्यूट के लिए बिक्री शुरू कर दी, जहां उन्हें 3,000 डॉलर पगार और जो भी नया बिज़नेस जॉन ले कर आते उसका 6 प्रतिशत कमीशन दिया गया।

पर वहाँ भी एक साल बाद कंपनी ने उनको निकाल दिया यह कहकर कि जॉन ने मालिक से भी अधिक पैसा कमाया है।

जब लोग आपको उनके type का मैनेजर नहीं होने के कारण नौकरी से निकाल देते हैं, तो यह आपको ख़ुद का मैनेजर बनने के लिये प्रेरित करता है। मुझे लगता है कि मुझे बार बार नौकरी से निकाल दिये जाने के पीछे भी एक उद्देश्य था।

हालांकि, क्योंकि मैंने उन कंपनियों में से बिक्री, निर्माण और विज्ञापन के बारे में बहुत कुछ सीखा, जिसने मुझे जॉन पॉल मिशेल सिस्टम्स शुरू करने में मदद की।”

  • खुद की कंपनी की शुरुआत:

1980 में, जॉन के दोस्त पॉल मिशेलअपनी खुद की बनाई हुई हेयर प्रोडक्ट लाइन को लॉन्च करने में आ रही परेशानियों से जूझ रहे थे, इसलिए जॉन ने पॉल मिशेल को कहा की – “हम दोनों एक साथ व्यापार क्यों शुरू नहीं करते हैं? ”

और फिर दोनों ने पेशेवर हेयर स्टाइलिस्टों के लिए ऐसी उत्पादें बनाने का फैसला किया जिससे कस्टमर के बालों को स्टाइल करने में कम समय लगें।

फिर उन्होंने अपनी पहली प्रोडक्ट बनाई जो कि एक शैम्पू था। और इस शैम्पू की ख़ासियत यह थी कि इसे बालों में सिर्फ एक बार लगाने से ही काम बन जाता था, जबकि दूसरी कंपनियों के शैम्पू को एक से ज्यादा बार लगाना पड़ता था।

फिर जॉन ने एक यूरोपियन निवेशक को खोजा, जो कि उनकी कंपनी में निवेश करने के लिये 5,00,000 डॉलर देने के लिये तैयार था।

और बात तय हो गयी कि उस कंपनी में 30 प्रतिशत हिस्सा जॉन को, 30 प्रतिशत हिस्सा पॉल को और बाकी का 40 प्रतिशत हिस्सा यूरोपियन निवेशक का रहेगा। पर सौदा होने से ठीक पहले वह निवेशक अपनी बात से मुकर गया और उसने पैसे देने से इंकार कर दिया।

  • फिर से बेघर हो जाना:

इसी समय के दौरान जॉन ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में एक बहुत बड़ा निर्णय लिया; उनकी दूसरी पत्नी को तलाक देने का। और अपने सारे पैसे अपनी पत्नी को देकर उनसे तलाक दे दिया।

और एक बार फिर वह बेघर हो गये। पर इस बार उनके पास रहने के लिये अपनी एकलौती गाड़ी साथ में थी।

  • सपने को हकीकत में बदलना:

फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। जॉन और पॉल मिशेल ने अपने दम पर कंपनी बनाने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर कंपनी में 700 डॉलर का निवेश किया।

उस वक़्त जॉन के पास हिस्से में देने के लिये 350 डॉलर भी नहीं थे। इसलिए उन्होने अपनी माँ से 350 उधार मांग कर निवेश किये।

और उस 700 डॉलर का उपयोग करके उन्होंने अपनी कंपनी John Paul Mitchell Systems के चार सैंपल प्रोडक्ट बनाए।

उस समय उनके पास उतने ज्यादा पैसे नही थे जिससे कि शैम्पू की बोतलों पर रंगीन प्रिंट छप सकें। इसीलिए उन्होंने सफेद बोतल ख़रीद कर उनपर काले रंग का प्रिंट छपवाने का फैसला किया। जो कि आगे चलकर बहुत फेमस डिज़ाइन बन गया।

सैंपल बनने के बाद, बिलों का भुगतान करने के लिये उनके पास दो सप्ताह थे। इसलिए अपनी प्रोडक्ट का एडवांस ऑडर लेने के लिए जॉन ने सैलून के दरवाजों पर दस्तक देना चालू कर दिया। और 12 ऑर्डर और चेक प्राप्त कर लिये।

उस समय के दौरान जॉन अपनी गाड़ी में रहते थे। पर एक दिन Joanna Pettet नाम की एक अभिनेत्री जो कि उनकी दोस्त थीं, जॉन की कार के पास आई।

जोआना ने किसी से सुना था कि जॉन कार में रहत है। और जोआना ने जॉन को अपने पैरों पर वापस आने तक दो महीने तक रहने के लिए एक कमरा दिया।

कंपनी के शुरुआती दो साल बहुत कठिन रहें। उन दो सालों में उनके पास बिल चुकाने के भी पैसे नहीं होते थे।

पर तीसरे साल मेहनत रंग लाई। और कंपनी ने 1 मिलियन डॉलर की भारी कमाई की। जिसमें से उन्होंने सारी लोन चुका दी और 2,000 डॉलर लाभांश उन दोनों ने अपने लिये रखा।

John Paul Mitchell Systems अभी तक राष्ट्रव्यापी नहीं बनी थी, लेकिन वह सैकडों सैलून में उपयोग हो रही थी। लेकिन समय के साथ यह सैकड़ों लाखों बदल गये।

  • हेयर केयर इंडस्ट्री में क्रांति:

पॉल मिशेल सिस्टम ने एक नए तरह के शैम्पू की ईजाद की, जिससे पूरे हेयर केयर बिज़नेस में क्रांति आ गयी। तो होता क्या था कि-

उस समय में, महिलाएं अपने बालों को स्टाइल करवाने के लिए सप्ताह में एक बार अपने हेयरड्रेसर के पास जाती थी। और स्टाइल को बनाए रखने के लिए अपने बालों को हफ्ते के दौरान नहीं धोती थी।

दिजोरिया और मिशेल की कंपनी ने एक ऐसा शैम्पू ईजाद किया जिससे ग्राहकों को घर पर खुद अपने बालों को फिर से स्टाइल देना आसान हो गया।

पर एक समस्या थी, जॉन पॉल मिशेल सिस्टम कंपनी के अब-तक के सभी ग्राहक सैलून वाले ही थे। और वो इस नई प्रोडक्ट को बेचने के लिए तैयार नही थे। क्योंकि इस नये शैम्पू के आने से उनके कस्टमर सैलून में अब बार बार नही आते।

उस वक़्त जॉन ने अपने सभी ग्राहकों को विश्वास दिलाया यह वादा दे कर कि वे अपनी प्रोडक्ट लाइन को सैलून में विशेष रूप से उपलब्ध कराएँगे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कितना सफल हो जाये।

आज, जॉन पॉल मिशेल सिस्टम कंपनी हैरड्रेसर को अपने उत्पादों का उपयोग करने के सर्वोत्तम तरीके प्रशिक्षित करने के लिए 100 से अधिक स्कूल चलाते हैं।

  • दी शो मस्ट गो ऑन:

1989 में 53 साल के पॉल मिशेल का कैंसर की वजह से निधन हो गया। उस वक़्त हेयर केयर इंडस्ट्री के कुछ लोगों लगा कि शायद जॉन अकेले कंपनी को नहीं चला पाएंगे।

लेकिन दिजोरिओ ने उनको गलत साबित कर दिखाया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने 103 देशों से 1 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू जनरेट किया।

  • साम्राज्य का विस्तार करना:

एक दिन अपने दोस्त Martin Crowley से मिलने गए दिजोरिओ ने अपने दोस्त की हाथों से बनाई टकीला पी। जो उनको बहुत पसंद आई।

इसलिये जॉन ने अपने दोस्त को सुझाव दिया कि- ” अगर तुम चाहो तो में हम दोनों टकीला बनाने का व्यवसाय शुरू कर सकते है।”

यह सुनकर उनका दोस्त भी तैयार हो गया। फिर उन्होंने टकीला की 12,000 बोतलें बनवाई। जिसके ऊपर Patrón Spirits Co. का लेबल लगाया गया।

पर क्योंकि टकीला बनाने के लिये उपयोग में आने वाला ब्लू अगाइवे बहुत महँगा होता है, इसलिए एक बोतल की कीमत 37 डॉलर रखी गयी।

धीरे धीरे patrón ने टकीला के व्यवसाय में आगे बढ़ना जारी रखा और एक अल्ट्रा प्रीमियम ब्रांड के तौर पर अपना नाम बनाया। 2011 में पेट्रॉन की 24 लाख बोतलें बिकी।

  • बिलियनेर बनने के बाद की जिंदगी:

हाल में, 74 साल के दिजोरिओ का नेटवर्थ 3.4 बिलियन डॉलर है, और वे आज भी 100 से भी ज्यादा non-profit संस्थाओं में अपना योगदान दे रहे है।

Source :Hindimonk

  • 23
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com