कुंवर सचदेव उद्योगपति की कहानी

Spread the love
  • 18
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    18
    Shares
214 Views

कुंवर सचदेव उद्योगपति की कहानी

सचदेव एक  गरीब घर का लड़का था । लेकिन सचदेव ने कभी भी अपनी आर्थिक परिस्थितियों को अपनी सफलता के बीच में नही आने दिया। सिर्फ 15 वर्ष की आयु में ही वे एक महान सफल उद्योजक बन गए। अपने व्यवसाय की शुरुवात उन्होंने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर साइकिल पर पेन बेचते हुए की थी। अपनी प्राथमिक शिक्षा एक निजी स्कूल से प्राप्त करने के बाद उन्हें संसाधनों की कमी के चलते सरकारी स्कूल में दाखिला लेना पड़ा। काॅलेज के दिनों में ही कुंवर किताबे पढ़ने की आदत पड़ गई और आगे जाकर इन्वर्टर के व्यवसाय की स्थापना में उनकी यह आदत काफी उपयोगी साबित हुई। उन्होंने बहुत से छोटे हाउस रिमोट से लेकर बड़ी इंडस्ट्री के लिए भी सोलर उपकरणों की खोज की है। यूनिक सोलर DC सिस्टम के निर्माण में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।

कुंवर के कठिन परिश्रम के बाद ही सु-काम (Su-kam) सर्वाधिक मार्किट शेयर पाने में सफल रही।हम सभी ये जानते है की सफलता – असफलता हमारे जीवन का एक हिस्सा है, यह हमारे ऊपर निर्भर करता है की हम उन असफलताओं से निराश होते है या उनसे कुछ सीखते हुए आगे बढ़ते है। सु-कैम के फाउंडर और एमडी कुंवर सचदेव को हुरून 2017 के सबसे प्रतिष्ठित उद्यमियों की सूची में स्थान मिला है।

इन्वर्टर बनाने वाली सु-कैम पावर सिस्टम लिमिटेड कंपनी दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट सेल कर रही है। ये कंपनी आज 2300 करोड़ रुपये की है.उद्योग की दुनिया की मशहूर यह कंपनी तेज़ी से विकसित होने वाली दुनिया के अमीर व्यक्तियों की सूचि टॉप 500 कंपनियों की सूचि में भी शामिल है। सचदेव ने भी तक़रीबन 90 देशो तक अपनी कंपनी को पहुचाया है और इसका लक्ष्य अफ्रीका और एशिया के ज्यादातर भागो को कवर करना ही है।

 इनवेटर इंडस्ट्री में खोज

सचदेव समय समय पर युवा पीढ़ी को बिजनेस सम्बन्धी बाते भी शेयर करते रहते है। सचदेव एक बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से मैथमेटिकल स्टेटिस्टिक्स और लॉ की डिग्री हासिल करने के साथ बिना किसी टेक्निकल बैकग्राउंड के होने के बावजूद उन्होंने पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स में महारत हासिल कर रखी थी। विविध व्यवसायों को सँभालते हुए भी वे सु-काम (Su-Kam) के आर & डी डिवीज़न के हेड बने। कुँवर सचदेव विश्वभर के उद्योगपतियों एवं व्यवसायियों के लिए कुँवर एक बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति है,

 भारत की लीडिंग पॉवर सोल्यूशन कंपनी सु-काम (Su-Kam) Sukam solar inverter के संस्थापक और एम् डी है और साथ ही वे एक महान खोजकर्ता, मार्केटर, प्रेरणादायक वक्ता और उद्योजक भी है।कई लोग ज़िन्दगी में बस excuses देना जानते है और काम को कैसे टाला जाये इसका ही विचार दिनभर करते रहते है। कुंवर अपनी उपलब्धियों से कभी संतुष्ट नही थे। हमारे आसपास बहुत सारे लोग ऐसे है जो अपने दम पर बहुत कुछ कर जाते है और उन्हें उम्र या परिस्थिति की बाधाएं रोक नहीं पाती। कुंवर ने अपना पहला टच स्क्रीन यूपीएस लांच करने के लिए तैयार है जिसमे वाय-फाई की सुविधा भी दी गयी है।

कुंवर पॉवर बैकअप इंडस्ट्री के विकास में उनके बहुत से महत्वपूर्ण योगदानो को देखते हुए उन्हें “इन्वर्टर मैन ऑफ़ इंडिया” के नाम से भी जाना जाता है।वर्ष 2000 आते-आते सू-काॅम दुनिया की ऐसी पहली कंपनी बन गई जो प्लास्टिक की बाॅडी के इन्वर्टर तैयार कर रहे थे। कुंवर बताते हैं कि करंट लगने से एक बच्चे की मौत के बारे में सुनने के बाद उनके दिमाग ये ऐसा करने का विचार आया और उन्होंने घरों के लिये सुरक्षित इन्वर्टर बनाने की दिशा में काम करना प्रारंभ किया।कुंवर उन महान उद्योजको में से एक है जिन्होंने इंटरनल ब्रांडिंग के महत्त्व को समझा। एतव और अभिनेता रवि किशन के साथ मिलकर कुंवर ने अपना पहला रियलिटी टीवी शो इंडिया ग्रेटेस्ट सेल्समेन – सेल का बाज़ीगर भी लांच किया।

अवार्ड 

भारत की सबसे बड़ी पॉवर सॉल्यूशंस कंपनी , सु-कैम पॉवर सिस्टम लिमटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक,कुंवर सचदेव को भारतीय सौर और बिजली बैकअप उद्योग में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है उद्योगपति, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के चलते उन्हें बहुत से पुरस्कार मिले है।

जिसमे मुख्य रूप से भारत सरकार द्वारा दिया गया “भारत शिरोमणि”किसी शायर ने कहा है कि जोश, जज्बा और जूनून कर दिया जाए किसी के नाम, तो हर एक लहर को झुककर करना पड़ता है सलाम. यह पंक्तियाँ कुंवर सचदेव  जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और हौसलों से न सिर्फ खुद को स्थापित किया बल्कि देश और समाज को भी बहुत कुछ दिया. जिनके उद्यम से न केवल उन्हें लाभ हुआ, बल्कि लाखों दूसरे लोगों की ज़िन्दगी में भी बहार आयी

टूटने लगे हौसले तो ये याद रखना, बिना मेहनत के तख्तो-ताज नहीं मिलते,

ढूंढ़ लेते हैं अंधेरों में मंजिल अपनी, क्योंकि जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते…

  • 18
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One thought on “कुंवर सचदेव उद्योगपति की कहानी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com