एक आईडिया से खड़ी कर दी 100 करोड़ की कंपनी

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एक आईडिया से खड़ी कर दी 100 करोड़ की कंपनी

आपने तो जरूर सुना होगा एक आईडिया जो बदल दे आपकी दुनिया। ऐसा एक शख्स के लाइफ हुआ है जो अपनी लाइफ में अपने एक आईडिया से खड़ी कर दिया 100 करोड़ की कंपनी। आईडिया जिसे सरल भाषा में एक नयी सोच बोलते है।

आज की ये स्टोरी भी इसी बेस पे है, सिर्फ अपने एक आईडिया से कई महारथियों को पीछे छोड़कर 100 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दिया वो भी सिर्फ 3 साल के भीतर ही।

एक नई सोच के साथ जब कोई व्यक्ति काम करता है तो उसे जिंदगी में सफलता जरूर मिलती है।

हम बात कर रहे है Storeking.Com के संस्थापक श्रीधर गुंडवा की जो बंगलुरु के रहने वाले है। श्रीधर इस आईडिया से पहले कई बिज़नस को ट्राई कर चुके है। इन्होंने अपनी उच्च शिक्षा – यूनिवर्सिटी ऑफ़ ग्रीनविच लन्दन से आईटी और कॉमर्स से किया है।

कैसे बनाया 100 करोड़ की कंपनी

श्रीधर गुंडवा ने अपने आईडिया की शुरूआत ई-कॉमर्स से किया। लेकिन साल 2012 में जब इसे शुरू किया तो यह कांसेप्ट मार्केट में आ चुकी थी। जिसके कारण श्रीधर को इस फील्ड में बहुत कठिनाईया झेलनी पड़ी और इस फील्ड में हाथ आजमाना आसान काम नही था क्योंकि इस फील्ड में बड़े-बड़े ऑनलाइन सेलर्स जैसे- Amazon, Flipkart, Snapdeal और बहुत कुछ माध्यम स्तर के प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा की बड़ी चुनौतियों से भरा हुआ था।

इस फील्ड में बहुत सारी धन-राशि की जरुरत थी और दुर्भाग्य से श्रीधर के पास उतनी भी सम्पत्ति नही थी।
ये सब मुद्दों पर विचार करने के बाद श्रीधर ने कुछ अलग करने की सोची। इसलिए श्रीधर ने अपनी ई-कॉमर्स कंपनी को दूसरे ई-कॉमर्स कंपनियो से अलग बनाया।

Storeking की खाशियत

स्टोरकिंग में दूसरे ई-कॉमर्स कंपनियो से थोड़ी अलग है क्योंकि अन्य ई-कॉमर्स कंपनियो में आप अगर सामान आर्डर करते है तो आपको इंग्लिश का इन्टरफ़ेस इस्तेमाल करना पड़ता है जबकि श्रीधर की स्टोरकिंग.कॉम कंपनी से आप स्थानीय भाषा का प्रयोग कर सकते है।
श्रीधर की स्टोरकिंग कंपनी जो बंगलुरु में स्थित है, इसमें चार और भाषाओ को जोड़ा गया है। जिसमे कन्नड़, तमिल, मलयालम और तेलुगु शामिल है। इन भाषाओ से आप आसानी से सामान आर्डर कर सकते है। इस नए आईडिया से श्रीधर ने अपनी कंपनी को लगातार नई उचाईयो पर लेजा रहे है। यह कंपनी सिर्फ ३ सालो में १०० करोड़ के टर्न-ओवर तक पहुच चुकी है और जल्द ही मध्य-प्रदेश में भी सर्विस प्रदान करेगी।

कब आया स्टोरकिंग का आईडिया

इससे पहले श्रीधर ने काफी कंपनियों में हाथ आजमाए जिनमे से एक कंपनी थी युलोप जो लोकेशन बेस्ड सर्विसेज प्रोवाइड कराती थी।
श्रीधर को स्टोरकिंग का आईडिया 2009 में आया जब वह चीन गए थे। वह जाकर उन्होंने नोटिस किया की ज्यादातर लोग किसी भी प्रोडक्ट को खरीदते समय अपनी स्थानीय भाषा इस्तेमाल करते थे। वही से उन्हें यह आईडिया मिला की बिज़नस में स्थानीय भाषा का प्रयोग करना चाहिए। जिससे कई स्टेट के लोगो को अपनी सुविधाजनक भाषा को चुन कर आसानी से आर्डर कर सके।

Source : achhipost

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