बेटे को दुनिया दिखाने के लिए 4 साल की उम्र में घुमा दिए 41 देश

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भारतीय साहित्य के घुमक्कड़ साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन कहते थे कि घुमक्कड़ आदमी ही दुनिया की बेहतर समझ रख सकता है. समझ दुनिया में रहने से नहीं आती, दुनिया देखने से आती है. कुछ लोग दुनिया में ऐसे भी होते हैं जो इस बात पर विश्वास भी करते हैं.

मिहाय बर्बू भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं. 2015 में मिहाय अपनी गर्लफ्रैंड ओआना और चार साल के बेटे व्लादिमीर के साथ 41 देशों की सैर पर निकल गए. उनका मानना था कि घूमने से दुनिया की समझ आती है.

मिहाय का सफर 28,000 किलोमीटर का था. 41 देशों की सैर अपने चार साल के बेटे के साथ मिहाय ने कर लिया. वे अपने चार साल के बच्चे को दुनिया दिखाना चाहते थे. उन्होंने दुनिया दिखा भी दिया.

 

ये फिनलैंड की तस्वीरें हैं. इसमें कोई शक नहीं कि घूमने से दुनिया की बेहतर समझ होती है.

 

घूमने का मजा तभी है जब ओपेन गाड़ी से घूमा जाए. इन्होंने तो अपनी फैमिली ट्रिप के भरपूर मजे लिए होंगे.

 

क्या शानदार तस्वीर है.

 

सुनसान राहों पर गाड़ी चलाने का मजा ही अलग है.

 

इस बच्चे ने रास्ते में बहुत कुछ सीखा होगा. बहुत लोगों रास्ते में दोस्त भी बने होंगे.

 

राहों में कुछ अच्छे दोस्त भी मिलते हैं जो बिना नुकसान पहुंचाए भी साथ रहते हैं.

 

ऐसी फैमिली ट्रिप तो दुनिया में किसी ने नहीं बनाई होगी.

 

इस ट्रिप में इस बच्चे ने तैराकी भी सीखी.

 

जिस उम्र में लोग एक शहर भी नहीं घूम पाते उस उम्र में इस बच्चे ने दुनिया घूम ली.

 

किसी शायर ने ठीक ही लिखा है कि,
ये दुनिया आदमी जब देखता है
ये दुनिया आदमी को देखती है. (सभी तस्वीरें boredpanda.com से ली गई हैं) 

Ravi Bhosale

मेरा नाम रवि भोसले है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, Startup,Technology, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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