सुंदर पिचाई की प्रेरणादायक कहानी

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
137 Views

सुंदर पिचाई की प्रेरणादायक कहानी

गुगल को तो सब जानते ही है आज हम उसके CEO सुंदर पिचाई / Sundar Pichai के बारे में जानेंगे. वही सुंदर पिचाई जिसे गुगल ने अपने सभी फोर-फ्रंट फ्रेडक्ट का इंचार्ज बनाया था जिसमे Youtube को छोड़कर गुगल के सभी बड़े Product शामील थे. तब वो गुगल के co-founder लैरी पेज / Larry Page के बाद कंपनी में दुसरे नंबर के ताकद्वार अधिकारी बन गये थे. लेकिन वो यहाँ पर नहीं रुके उन्होंने कोशिश जारी रखी, वो इसलिये की उनका यह विश्वास था जल्द ही उनके काबिलियत को देखते हुये कभी भी उनकी नियुक्ती Google CEO के रूप में हो सकती है और आज उनकी वो कोशिश कामयाब रही आज वह दिन सबके सामने है. एक भारतीय व्यक्ती का यहाँ तक पहुचना निश्चित ही सभी भारतीयों के लिये गर्व की बात है. लेकिन यहाँ तक पहुचना इतना आसान नहीं था. तो आईये जाने की सुंदर पिचाई ने ये रास्ता कैसे पार किया.

सुंदर पिचाई का असली नाम सुंदराजन है. उनका जन्म 12 जुलाई 1972 को चेन्नई में हुआ. उनके पिता रघुनाथ पिचाई एक इलेक्ट्रिकल इंजिनियर थे. और वर्तमान में उनकी इलेक्ट्रिकल कॉम्पोनेंट की फैक्ट्री है.
सुंदराजन (सुंदर पिचाई) प्रारंभ से ही पढाई में होशियार थे. और उन्हें क्रिकेट में काफी रूचि थी इसलिये उनके माँ-बाप को अंदाजा हो गया की उनका बेटा उनका नाम रोशन करेंगा. लेकीन उन्होंने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करके स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से विज्ञान विषय में PHD कम्प्लीट की. लेकिन पिचाई को शुरू से M.B.A. करना था. इसलिये उन्होंने पेसिलवेनिया विश्वविद्यालय से M.B. A. की डिग्री प्राप्त की.

उन्हें गुगल ज्वाईन करने से पहले हायर स्टडी के लिये बहोत ऑफर मिले साथ ही कई बड़ी कम्पनियों के ऑफर भी आये जिसमे स्टेनफोर्ड में इंजिनियर, एप्लाइड में मॅनेजर, सिलिकॉन वैली में सेमीकंडक्टर मेकर लेकिन उन्होंने उन सभी ऑफर को ठुकरा दिया. शायद इसकी यही वजा होगी की वो जॉब करके अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहते थे.
पढ़ाई के बाद सन 2004 में सर्च टुलबार Search Toolbar के टीम के मेम्बर के रूप में गुगल ज्वाईन किया. पिचाई की कार्य करने की शैली से गुगल के अधिकारी बहुत प्रभावित हुए और उन्ही के सुझाव पर गुगल ने अपना खुद का ब्राउजर लाने का निर्णय लिया. और गुगल क्रोम ब्राउजर Chrome Browser) दुनिया के सामने आया. इस परियोजना में पिचाई ने महत्त्वपूर्ण रोल निभाया. उनके निर्देशन में ही गुगल क्रोम की शुरुवात हो सकी. इसके साथ ही 2013 में अपना उत्कृष्ट योगदान देकर गुगल की एंड्राएड Andraoid परियोजना की कमान संभाली.

पिचाई की योग्यता को देखते हुये गुगल के को-फाउंडर (co-founder) लैरी पेज ने उन्हें गुगल के सभी बड़े प्रोडक्ट का इंचार्ज बना दिया. जिसमे गुगल सर्च Google Search, गूगल मैप Google Map, गुगल +Google Plus, गूगल कॉमर्स Google Commerce, गूगल एजवरटाइजिंग Google Advertisement जैसे क्षेत्र शामील थे. पिचाई ने इन कार्यों को सफलतापुर्वक पुरे करके आज गुगल के CEO जैसे सर्वोच्च पद पर पहुंच गये है. और इसके साथ ही पिचाई भारत के उन लोगों में शामील हो गये है जो 400 अरब डॉलर कारोबार करने वाली अंतराष्ट्रीय कम्पनियों के शिर्ष अधिकारी है. जिसमे सत्य नडेला / Atya Nadella, मास्टर्ड कार्ड के अजय बंगा / Ajay Banga जैसे अनेक नाम पहले से शामील है.
निश्चित ही आज सुंदर पिचाई भारत वासियों के लिये एक रोल मॉडल है और ये आने वाले दिनों में युवाओं के लिए वो प्रेरणा का काम करते रहेंगे.

Source : linkedin

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

One thought on “सुंदर पिचाई की प्रेरणादायक कहानी

  • July 11, 2018 at 10:12 pm
    Permalink

    Excellent beat ! I would like to apprentice even as you amend
    your site, how could i subscribe for a weblog web site?
    The account aided me a acceptable deal. I had been a little bit familiar of this your broadcast offered vivid clear concept http://alternatif188bet.com

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com