क्या आप जानते हैं – सुपरमार्केट में आप अनावश्यक और अधिक खरीदारी क्यों करते हैं?

Spread the love
  • 45
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    45
    Shares
160 Views

क्या आप जानते हैं – सुपरमार्केट में आप अनावश्यक और अधिक खरीदारी क्यों करते हैं?

हाल के दिनों में सुपरमार्केट बहुत तेजी से खुल रहे है। बिग बाजार, मोर, इजीडे, रिलायंस, सोपर्स स्टाॅप, डीमार्ट आदि सभी इसी लिस्ट में आते हैं। इन मेगास्टोर (Mega store) / सुपरमार्केट के लोकप्रिय होने का मुख्य कारण है वहां खरीदारी करने का चलन बढ़ना क्योंकि अधिकतर लोगों को लगता है कि इन बाजारों में सस्ता और अच्छी गुणवत्ता वाला सामान मिलता है। परन्तु सच यह है कि हम सब इस बात से अनजान हैं कि वहाँ विभिन्न प्रकार की trick लगाई जाती है कि आप अधिक से अधिक खर्च करें। कम्पनी का एक ही मकसद होता कि लगातार उन तरीकों का इजाद किया जाए जिससे कि ग्राहकों में उन वस्तुओं को भी खरीदने की इच्छा जाग्रह हो जिनकी भले ही तत्काल आवश्यकता न हो।

अपने ग्राहकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सुपरमार्केट (Supermarket) द्वारा निम्न रणनीति अपनाई जाती हैं:-

प्रवेश द्वार के सामने ही हरी सब्जियाँ, फल, ब्रेड्स, बिस्कुट आदि जानबूझ कर रखे जाते हैं जिससे की आपकी भूख जाग्रह होती है और मूड भी अच्छा बन जाता है जिससे कि न सिर्फ आप उन वस्तुओं को खरीदते हैं बल्कि स्टोर में और अधिक सामान खरीदने के लिए लालायित हो जाते हैं।

यदि आप किसी सामान को छू और देख सकते हैं तो आपकी शाॅपिंग बहुत बढ जाती है। धीमी आवाज में बेकग्राउंड संगीत आपके मूड को अच्छा बनाता है तथा अनजाने में आप अधिक खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।

विभिन्न सेक्शन में प्रोडक्ट की आटिफिसियल खुशबू फैलाई जाती है जिससे कि आपके मन में उस प्रोडक्ट को खरीदने का लालसा आ जाती है उदाहरण के लिए शिशु विभाग मे टेलकम पाउडर की खुशबू।

स्टोर का डिजाईन इस प्रकार किया जाता है कि आवश्यक घरेलू सामान सबसे आखिरी में रखा जाता है जिससे कि आप हजारों प्रोडेक्ट के सामने से गुजरते हुए कुछ न कुछ उठा ही लें।

अधिक लाभ वाले सामानों को आंखों की ऊँचाई तक रखा जाता है जबकि बच्चों की पसंद का सामान इस तरह लगाया जाता है कि वे उसे आसानी से देख सकें और उसे लेने की जिद्द करें।

क्या आप जानते हैं कि आप एक साथ चार-पांच वस्तुओं के मूल्य को ही याद रख पाते हैं। एक-दो डिस्काउंटिड प्रोडक्ट  purchasing के चक्कर में आप बहुत सारा सामान बाजार मूल्य में ही खरीद लेते हैं। इन प्रोडक्ट पर ज्यादा डिस्काउंट तो आपको नजदीकी किराना स्टोर में मिल जाता है।

इस प्रकार के storesआपको shoppers cardदेते हैं जिसमें कि डिस्काउंट के आफर होते हैं पर इस प्रकार के कार्ड से आपके खरीद करने की आदतों के बारे में कम्पनी को पता चला जाता है तथा वे आपको लुभाने के लिए मेसेज व मेल द्वारा विभिन्न प्रकार की स्कीमों को सूचना देती रहती हैं।

शॉपिंग कार्ट (shopping cart) को रणनीतिक रूप से बड़ा और ज्यादा गहरा बनाया जाता है जिससे कि आपके कार्ट में अधिक से अधिक सामान आ सके फिर भी वह खाली ही दिखाई पड़े।

अधिक लाभ वाले सामान को बेचने के लिए एक ट्रिक लगाई जाती है। जिस सामान को कम्पनी अधिक बेचना चाहती है कि उससे अधिक मूल्य वाला ब्रांड और उससे ज्यादा सस्ता वाला सामान एक साथ लगाया जाता है जिसमें मानव स्वभाव के कारण हम मध्यम दर के सामान को ही ज्यादा खरीदते हैं। इस तरह हम कम्पनी के सेल्स ट्रिक में फंस जाते हैं।

क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि बिलिंग काउंटर की लाईन हमेशा पतली ही रखी जाती है जिससे कि आप अंतिम समय में सामान छोड़ने का विचार न बना लें।

इन सुपरमार्केटों ने थोड़े समय के भीतर छोटे व्यापारियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है क्योंकि लोगों को लगता है कि यहाँ सामान काफी सस्ता होता है लेकिन वास्तव में वे क्या नहीं जानते कि इन स्टोरों में छोटी दुकानों की तुलना पर अधिक पैसा खर्च देते है।

  • 45
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP Facebook Auto Publish Powered By : XYZScripts.com