धोनी संग पढ़ी हंसा ने 50 हजार से शुरू की कंपनी, आज है करोड़ों का टर्नओवर

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धोनी संग पढ़ी हंसा ने 50 हजार से शुरू की कंपनी, आज है करोड़ों का टर्नओवर

 हंसा सिन्हा पटना की एक ऐसी महिला हैं, जिसने जिंदगी के कठिन संघर्ष के बाद अपनी पहचान बनाई है। हंसा के जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आए पर वह अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटकी। हंसा की पढ़ाई पटना और रांची में हुई। 12वीं की पढ़ाई रांची के डीएवी श्यामली में हुई। हंसा आर्ट से पढ़ाई कर रही थी। उसी कॉलेज में क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी पढ़ते थे।

धोनी बी कॉम कर रहे थे। हंसा को खेल से काफी लगाव था। कॉलेज में छात्राओं की टीम का कोआर्डिनेशन हंसा करती थी और छात्रों के टीम का कोआर्डिनेशन महेंद्र सिंह धोनी करते थे। तब हंसा को पता नहीं था कि धोनी एक दिन बड़े क्रिकेटर बनेंगे।
बीमारी को मात दी
 
पढ़ाई के दौरान हंसा को 2001 में एक गंभीर बीमारी हो गई थी। इस बीमारी ने हंसा के साथ मां और उससे के पापा की जिंदगी भी परेशानी में डाल दी। हंसा कहती हैं कि पापा एसबीआई में काम करते थे। बीमारी के कारण पापा ऑफिस नहीं जा पा रहे थे। हर किसी से सिर्फ मेरी बीमारी के इलाज के लिए के चर्चा करते रहते थे। कैसे कहां इलाज कराया जाए कि बेटी जल्दी ठीक हो जाए। मां मेरे पास बैठकर गायत्री मंत्र पढ़ती रहती थी। मेरे लिए ऐसा खाना बनाने की कोशिश करती थी, जिसे खाने के बाद उल्टी ना आए। मैं दर्द से परेशान रहती थी। आंखों से आंसू गिरने रहते। दर्द इतना की बर्दाश्त करना मुश्किल होता था। आखिर दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मेरा इलाज हुआ और मैने बीमारी को मात दी। बीमारी ठीक होने में एक साल लग गया। इस दौरान मेरा वजन 25 किलो रह गया था। हंसा बताती है कि पटना वुमेंस कॉलेज में एडवरटाइजिंग मैनेजमेंट की फाइनल इयर की परीक्षा छूट गई। बीमारी ठीक होने के बाद मैं परीक्षा दी।
 
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अपने ऑफिस में काम करती हंसा।
बिजनेस में परिवार को मिला सपोर्ट
 
बिजनेस में परिवार का काफी सपोर्ट मिला। मेरे पति गया में स्थित एक्सिस बैंक में मैनेजर हैं। सास बेगूसराय में टीचर हैं फिर भी परिवार ने मेरा साथ दिया। पटना में मम्मी-पापा के घर में रहने के लिए सबका सपोर्ट मिला। सबसे बड़ा सपोर्ट देने वाले मेरे बिजनेस पार्टनर परिमल मधु हैं। मेरे घर वालों का इन पर काफी भरोसा है। अगर यह मेरे साथ हो तो घरवाले कभी परेशान नहीं होते। मेरे पति से भी इनके बेहतर रिश्ते हैं। एक बेटी है जो डीपीएस में पढ़ती है। काफी तालमेल करना पड़ता है। पति का काफी सपोर्ट मिलता है। गया में होने के कारण रोज पटना नहीं आ सकते पर जब भी घर आते हैं तो हेल्प करते हैं।
 
50 हजार से शुरू की कंपनी
 
हंसा बताती है 2011 में Genesys Consulting Pvt कंपनी अपने बिजनेस पार्टनर परिमल के साथ 50 हजार रुपए में शुरू की थी। आज इस कंपनी का टर्नओवर 2 करोड़ रुपए है। मेरे पास संसाधन के नाम पर एक लैपटॉप और फोन था। शिवपुरी में एक कमरा था। उसी कमरे में कार्यालय खोला। उस कमरे में गर्मी से हालत खराब हो जाती थी। कंपनी शुरू करने में कई चुनौती थी। बड़ी-बड़ी कंपनियां पहले से ही मौजूद थी। मेरी कंपनी का वर्क कल्चर औरों से अलग है। यहां बॉस किसी पर रौब नहीं दिखाते। कंपनी के कर्मचारियों के साथ हमलोग खड़े रहते हैं।
संघर्ष करने वाली महिलाओं को संदेश
 
हंसा कहती हैं कि महिला यह नहीं समझे की वह महिला है इसलिए विशेष सुविधाओं की हकदार है। महिलाओं को मिलने वाले सुविधा को छोड़ना होगा। वर्क कल्चर में महिलाओं को बहाना नहीं बनाना चाहिए। कोई काम अधूरा हो तो उसे पूरा करें। यह नहीं सोचें की घर पर पति और बेटा-बेटी इंतजार कर रहे हैं। महिला को ऊपर से लेकर नीचे के लेबल के बारे में पता होना चाहिए। महिलाएं पहले खुद सीखें बाद में दूसरों को सिखाए।
 
ऑफिस के कर्मचारियों से बात करती हंसा।

Ravi Bhosale

मेरा नाम रवि भोसले है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, Startup,Technology, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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