मैगी – Maggi Noodles Success Story in Hindi

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मैगी -Maggi Success Story

 9 अक्टूबर 1846 से जब Maggi के फाउंडर जूलियस मैगी का जन्म हुआ, दरसल जूलियस मैगी का पूरा नाम जूलियस माइकल जोहांस मैगी था |जूलियस अपनी एजुकेशन पूरी करने के बाद अपने पिता के “आटे की मिल” संभालने लगे | उनका यह कारोबार उन दिनों बहुत बड़े स्तर पर चल रहा था, लेकिन समय बीतने के साथ ही साथ बिजनस में गीरावट आती गयी और तभी जुलियस मैगी ने कोई दूसरा बिजनस करने का सोचा |

दरसल यह वो दौर था जब इंडस्ट्रियल रेवोलुशन की शुरुआती थी | बहुत सारे नए नए कारखाने खुल रहे थे और पुराने कारखानों को भी नई तकनीक के साथ अपग्रेड किया जा रहा था और तभी कारखानों में काम करने वाले लोगों के लिए खाने में न्यूट्रिशन लाने के इरादे से जूलियस ने फूड प्रोडक्शन में अपना कदम बढ़ाया |1886 में उन्होंने रेडीमेड सूप बनाने का काम शुरू किया | दरसल मैगी का यह सूप लेग्युम मिल्स से बना हुआ था जिसमें प्रोटीन की मात्रा भी खूब होती थी |

आगे चलकर जूलियस मैगी ने 1897 ने “मैगी GMBH” नाम के साथ कंपनी रजिस्टर्ड कराइ | और फिर मैगी के बहुत सारे और भी प्रोडक्ट्स मार्केट में उतारे गए , जैसे की:- मैगी नुडल्स, मैगी क्यूब, और मैगी सोस |आगे चलकर कारपोरेट स्ट्रक्चर्स में कई बदलाव के बाद maggi स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले के साथ मर्ज हो गई | दरअसल नेस्ले कंपनी की शुरुआत 1866 में हुई थी और यह तब छोटे बच्चों के लिए दूध से बने हुए के फूड्स बनाती थी |

नेस्ले के साथ मर्ज हो जाने के बाद मैगी का खूब विज्ञापन किया गया | जिसमें दिखाया गया कि यह न्यूट्रीशन फूड उन लोगों के लिए है जिसके पास टाइम नहीं है और इसे सिर्फ 2 मिनट में तैयार किया जा सकता है |यह विज्ञापन लोगों के दिलों को लुभा गई | क्योंकि मैगी नूडल्स रोजमर्रा की जिंदगी में एक राहत देने वाला प्रोडक्ट था |देखते ही देखते ही मैगी नेस्ले कंपनी की सबसे प्रमुख प्रोडक्ट बन गयी |

हालांकि भारत में मैगी ने 1983 में कदम रखा | लेकिन किसको पता था इस फूड प्रोडक्ट को भारत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाएगा | भारत में मैगी नूडल्स को लॉन्च करने के कुछ ही सालों बाद भारतीय मार्केट में Maggi की हिस्सेदारी 75% तक हो गई मतलब Maggi को खाने वाले 100 में से 75 लोग सिर्फ भारत से ही थे |हालांकि 2015 में हुए कई टेस्ट में मैगी नुडल्स के अन्दर लीड का अमाउंट काफी ज्यादा पाया गया जिस वजह से फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मैगी पर बैन लगा दिया | हालांकि नेस्ले ने टेस्ट की जाने वाली लैब्स की रिलायबिलिटी पर सवाल उठाया था , क्योंकि भारत के बाहर किए जाने वाले टेस्ट के रिजल्ट में मैगी नूडल्स पाया गया |आगे बांबे हाईकोर्ट ने भी माना कि पहले के टेस्ट रिजल्टस सही नहीं थे | और फिर से पंजाब हैदराबाद और जयपुर तीन अलग-अलग जगहों पर मैगी नुडल्स का टेस्ट कराया |

जहां पर मैगी पूरी तरह से सुक्षित पाया गया, हालांकि फिर भी मैगी ने 320 करोड़ रुपए का स्टॉक वापस मंगवा कर जलवा दिया |5 महीने मैगी मार्केट में वापस लौटा और लोगों ने भी इस खुशी का इजहार सोशल मीडिया पर जमकर किया | हालांकि मैगी की हिस्सेदारी मार्केट में घटकर 53% तक हो गई थी लेकिन अब फिर से यह करीब 60% तक जा पहुंची है |

Source : livehindi

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